HOME|मराठी मुख्य सूची|मराठी साहित्य|भारुडे|
भारुड कहाणी तुम्हां आम्ही सांगतों कहा भारुड कोल्हाटीण आनंदी सद्‍गुरु पूर्ण परात
भारुड - कंजारीण - होहोरी होहोरी हो । लेवरे ...


भारुड Bharude is a kind of satirical form of presenting the faults of lay human beings. It was started by Eknath who is revered as a saint.

49
भारुड - कंजारीण

होहोरी होहोरी हो । लेवरे रसी । लेनेवाला है पर देनेवाला नहीं ॥हो०॥

देनेवाला है पर लेनेवाला नहीं ॥हो०॥ नीसंग आडाती केतान तोडा ।

अंकारी पडावा । आधा सान जोडा ॥हो०॥१ ॥

तेलंगी वाढवा । पुलान पुलवा । साधन करावा मन आशा फेडावा ॥हो०॥२॥

कुलवान नवरा । अडा तीन तंगी । नीतंग कोडता । तंगीन हाडी ॥हो०॥३॥

जनार्दनीं पडवा । कंजारीण लढवा । कोकनीक करवा । दातारू बरवा ॥हो०॥४ ॥

Translation - भाषांतर

N/A
49
N/A
Created by TransLiteral/ Courtsey {Khapre.org} on 2007-06-11T04:37:51.0000000Z

Comments | अभिप्राय

Please join {Khapre.org} Group on facebook and to write on to our wall, participate in group discussions..

Connect to us