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एडका एडका मदन तो केवळ ॥ध्रु॥ भारुड फकीर दिलमें याद करो रे । जनम
फकीर - सफेद कलंदर फकीर ।बाबा सफे...


भारुड - फकीर
This is the poetry by Sant Namdev especially focused to show faults in society.


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भारुड - फकीर
सफेद कलंदर फकीर ।बाबा सफेद कलंदर फकीर ॥ध्रु॥
काम क्रोध मद मत्सर काटो । उन्मनी ज्याघर बैठ ।
मारो आसन बैठो । त्रिकुटपर करनार जिकीर ॥ १ ॥
अंदर भगवा कियो रे बाबा । जोग जुगत भरपाई ।
अल्लाके नामपर मुहर लगाई । चुकी कलमपर लिखीर ॥ २ ॥
ऎशी फकीरकी थोरी । बाबा जात कूल सब तारी ।
जनार्दनका एक कहत है । साधो सिताराम गुरु पीर ॥ ३ ॥
Translation - भाषांतर

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References : N/A

Created by TransLiteral/ Courtsey {Khapre.org} on 2010-08-31T07:57:02.3544945-04:00

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