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गणपतीची आरती - उपेल जरती मदें शुंडा बहु ...


Ganapati Arati - Prayer to Lord Ganesha गणपतीची आरती - उपेल जरती मदें शुंडा

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गणपतीची आरती
उपेल जरती मदें शुंडा बहु साजे।
शेंदूर जो घवघवीत अद् भुत सुविराजे॥
घागरियांचा घोळ पदी घुळघुळ वाजे।
प्रसन्नवदना देवा ध्याना सुख माजे॥१॥
जय देव जय देव गजनरवेषा।
आरती ओवाळू तुजला विश्वेशा॥धृ.॥
विशेष महिमा तुजला नकळे गणनाथा।
हरिसी संकट विघ्ने तापत्रयव्यथा॥
अखंड आनंदें तूं डोलविसी माथा।
तांडव नृत्य करिती तातक् धिम ताथा॥जय.॥२॥
विद्या धन संपदा कनकाच्या राशी।
नारी सुत मंदिरे सर्वहि तूं देशी॥
निर्वाणी पावशी वेगी भक्तांशी।
गोसावीनंदन गातो कवितांशी॥जय.॥३॥
Translation - भाषांतर

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